नई दिल्ली। ध्यान आकर्षित करने वाले मीडिया परिवेश में सनसनीखेज खबरों के प्रति आगाह करते हुए, उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने बृहस्पतिवार को पत्रकार बनने की आकांक्षा रखने वाले छात्रों से कहा कि पत्रकारिता का असली मूल्य लोकप्रियता नहीं बल्कि विश्वसनीयता है। यहां भारतीय जनसंचार संस्थान (आईआईएमसी) के छात्रों को संबोधित करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि किसी मीडिया संस्थान या पत्रकार की प्रतिष्ठा का आधार तथ्यात्मक सटीकता और जनहित होना चाहिए, ना कि अधिक से अधिक वायरल होना।उन्होंने आधुनिक भारतीय प्रेस के लिए एक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया और कहा कि देश को मूल रूप से ऐसे मीडिया पेशेवरों की आवश्यकता है जिनमें बौद्धिक ईमानदारी जैसे मूलभूत मूल्यों का अनूठा मिश्रण हो। राधाकृष्णन ने छात्रों से 2047 तक विकसित भारत के दृष्टिकोण में योगदान देने और भारत की विकास यात्रा को सत्यनिष्ठा और निष्पक्षता के साथ प्रस्तुत करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनसांख्यिकीय लाभांश, तकनीकी नवाचार और लोकतांत्रिक लचीलेपन के कारण आज अंतरराष्ट्रीय समुदाय भारत में नए सिरे से रुचि दिखा रहा है।
गुरुवार, 11 जून 2026
दिल्ली : उपराष्ट्रपति ने नवोदित पत्रकारों को सनसनीखेज खबरों के प्रति आगाह किया
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